Sunday, September 26, 2021
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टीकाकरण केंद्र पर पुलिस की पिटाई के बाद युवक ने लगाई फांसी

मेरठ: यूपी के बागपत में एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगा ली, इसके कुछ ही मिनटों बाद पुलिसकर्मियों ने उसके घर में तोड़फोड़ की और कथित तौर पर युवक की मां और चाची के साथ “दुर्व्यवहार” किया, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क गया। सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया और स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस और पीएसी टीमों का पीछा किया गया।

आत्महत्या के करीब 12 घंटे बाद मंगलवार की सुबह बिनोली के थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत पांच पुलिसकर्मियों पर दंगा करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। अन्य 11 को ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवक की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

परिजनों के मुताबिक सोमवार दोपहर टीकाकरण अभियान के दौरान विवाद शुरू हो गया। युवा अक्षय चाहते थे कि उनकी 65 वर्षीय मां को उनकी उम्र को देखते हुए प्राथमिकता दी जाए। इस पर वहां तैनात एक पुलिसकर्मी से बहस हो गई, जिसने अक्षय को थप्पड़ मार दिया।



बागपत में आरएसएस के ब्लॉक हेड मृतक अक्षय के पिता श्री निवास ने कहा, “मेरा बेटा टीकाकरण शिविर में था जब कर्मचारियों ने उसका नाम पुकारा। उसने अंदर जाने की कोशिश की तो दो पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए उसे अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद वे उसे दूसरे कमरे में ले गए और मारपीट करने लगे। यह सब मेरे और मेरे भाई के सामने हुआ। हमने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर सके।”

श्री निवास ने आगे कहा, “बाद में बिनोली के एसएचओ चंद्रकांत पांडेय, मुसली, सलीम, उधम सिंह और एक अन्य पुलिसकर्मी मेरे घर पहुंचे। उन्होंने घर में तोड़फोड़ की, दुर्व्यवहार किया और मेरी पत्नी कुसुम की पिटाई की। उसके तुरंत बाद मेरा बेटा घर से चला गया। बाद में उसका शव गांव में एक पेड़ से लटका मिला।”



युवक की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव ने बिनोली थाने को घेर लिया। पीएसी यूनिट के साथ गांव में भारी पुलिस बल भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। मंगलवार सुबह एसपी बागपत अभिषेक सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों के वहां पहुंचने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

एसपी ने कहा, “हमने एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों पर धारा 147 (दंगा), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) आदि के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही 11 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से जोड़ा गया है।”

भाजपा के जिलाध्यक्ष सूरज पाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। सिंह ने कहा, “हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों पर मामला दर्ज किया जाए और उन्हें निलंबित कर दिया जाए। हम सरकार से परिवार की हर संभव मदद करने के लिए भी कहेंगे।”

Naveen Vishwakarma
Mr. Naveen Vishwakar is Indian Journalist working from Lucknow. He is working with The Gandhigiri as editor. Contact with him by thegandhigiri@gmail.com
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