जानिये कुरआन के हवाले से ईसा-ईसाई और आज का इजराइल

कुरआन, मुस्लिम, इजराइल, यहूदी, ईसा, ईसाई, फिलिस्तीन, यहूदी अमेरिका, अमेरिकी यहूदी, इसरायली यहूदी, अल्लाह, मुसलमान, Quraan, Muslims, Israel, Jew, Yahudi, Isa, Christian, Palestine, American Jews, Israeli Jews, Allah

ईसाई समुदाय (Christian Community) के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह (Jesus) को इजराइल के कब्जे वाले जेरूसलम (Jerusalem) में स्थित गोलगोथा (Golgotha) में यहूदियों ने सूली पर चढ़ा दिया था। जबकि इस्लाम (Islam) के मुताबिक यहूदियों ने ईसा (पैगम्बर हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम) को सूली पर चढ़ाने की पूरी कोशिश की लेकिन अल्लाह (Allah) ने उन्हें बचा लिया।

jesus christ hung by jews, golgotha in jerusalem, israel

image from: aleteia.org

ईसा को सूली पर चढ़ाने और बैतूल मक़दस यानि मस्जिद अल अक़्सा (Alaqsa Mosque) पर यहूदियों के कब्ज़े की वजह से दुनिया भर के मुसलमान और ईसाई यहूदियों से नफरत करते हैं। इसके विपरीत मुस्लिम और ईसाई हुकूमतों का इजराइल (Israel) से न सिर्फ बेहतर व्यापारिक संबंध है, बल्कि कई तरह से समर्थन भी हासिल है।

कुरआन के मुताबिक इजराइल के यहूदी कौन हैं

यहूदियों (Jews) के बारे में कुरआन (Quraan) ने बहुत पहले ही बता दिया था की ये साजिश रचने वाली शातिर और एहसानफरामोश कौम है। इजराइल (Israel) की आंतरिक और विदेश नीति को देखें तो यह बात पूरी तरह साबित हो जाती है। बलपूर्वक फिलिस्तीनियों की ज़मीन (Palestine Land) पर अवैध कब्ज़ा करने वाले यहूदी हिंसा में भरोसा रखते हैं।

यहूदियों ने ईसा की (ईसाई मत के अनुसार) हत्या करने के बाद ईसाइयों के बीच राष्ट्रवाद और सेकुलरिज्म (Secularism) को खूब बढ़ावा दिया। इसका मक़सद ईसाई (Christian) अपने मसीह (Masih) के क़त्ल और पवित्र बैतूल मक़दस पर यहूदियों के कब्ज़े को भुला कर अपने राष्ट्रीय हितों की खातिर उनके दोस्त बने रहें।

इसके विपरीत यहूदी अमेरिका या किसी भी देश में हों वो खुद को ‘इस्राइली’ (Israeli) ही कहते हैं और इजराइल से प्यार करते है। दुनिया में केवल इज़राइल (Israel) ऐसा देश है जिसका जन्म ही धर्म के आधार पर हुआ है। उन्होंने ब्याजयुक्त अर्थव्यवस्था नीति के ज़रिये दुनिया के तमाम देशों को क़र्ज़ के जाल में फंसाया और मीडिया के जरिये जनता को मैनेज किया। दुनिया के देशों की मज़बूरी है कि वो अपनी अर्थव्यवस्था (Economy) को ठीक-ठाक रखने के लिए इसके साथ व्यापारिक संबंधों के जाल में फंसे रहे।

सच्चाइ यह है कि अनेक ईसाई देश जिसमें खास तौर पर अमेरिका (America) का नाम लिया जा सकता है, वो अपने मसीह ईसा (Jesus Christ) की हत्या करने वाले यहूदियों की पूरी मदद करते हैं। जबकि यहूदियों ने जिस तरह ईसा (अलैहिस्सलाम) को सूली पर चढ़ाया उसी तरह आज फिलिस्तीनी औरतों, बच्चो और मर्दों की हत्या कर रहे हैं।

जाहिर है कि जो ईसाई सरकारें अपने ईसा मसीह के हत्यारों के साथ हो वो भला फिलिस्तीनियों के पक्ष में आवाज़ कैसे बुलंद कर सकते हैं। असल में वे तो सम्मोहन जाल में फंस कर अपनी ईसाईयत और धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान नहीं कर रहे।

(इस्लाम के अनुसार जो व्यक्ति हज़रत ईसा की मुखबिरी करने आया था उसका चेहरा अल्लाह ने ईसा की तरह कर दिया और उसके ही साथियों ने उसको ईसा समझ कर सूली पर चढ़ा दिया। जबकि हज़रत ईसा को अल्लाह ने ज़िंदा आसमान में उठा लिया। अल्लाह ने कहा की प्रलय से पूर्व उनको उसी तरह धरती पर वापस भेजेगा। ईसाई ये मानते है की यहूदियों ने जिस व्यक्ति को सूली पर चढ़ाया वो ईसा ही थें)

यह भी पढ़ें: NRC: क्या भारत से निर्वासित मुसलमानों को अपनायेगा बांग्लादेश

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

(नोट: संपादकीय लेखों का सामान्य ख़बरों से कोई वास्ता नहीं। किन्तु यह घटनाओं, स्थितियों और ख़बरों से संबंधित हो सकता है। संपादकीय लेख बौद्धिक विचार-विमर्श पर आधारित होता है। ज़रूरी नहीं कि अन्य व्यक्ति इससे सहमत हों। इन लेखों का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, हीनता को दर्शाना या गुप्त सूचनाओं सार्वजानिक करना आदि नहीं है।)

the gandhigiri app download, thegandhigiri  
Mohd Yusuf is famous Indian Cartoonist living in New Delhi. He is founder of Cartoon Mirror (www.cartoonmirror.com) online website. He belongs to Gorakhpur (U.P.). Yusuf is famous on social media known as Yusuf Munna. He is well known for Sarcasm Cartoons and expert in Sketching, Caricatures and much more. His cartoons were published in Urdu daily Hindustan Express, Quami Aawaz, The Milligazette, Twocircles.com and dozen of newspapers, websites. Contact Mohd. Yusuf via mail cartoonsmirror@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *