Home Cinema | मनोरंजन कोरोना योद्धा सोनू सूद के खिलाफ BMC ने क्यों दर्ज कराया केस?

कोरोना योद्धा सोनू सूद के खिलाफ BMC ने क्यों दर्ज कराया केस?

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बॉलीवुड एक्टर और कोरोनाकाल के महानायक सोनू सूद (Sonu Sood) के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

बीएमसी (BMC) ने आरोप लगाया गया है कि अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने बीएमसी की इजाजत के बिना जुहू में एक छह मंजिला रिहायशी इमारत को होटल में तब्दील कर दिया है।

बीएमसी ने पुलिस में ये शिकायत 4 जनवरी को दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने कहा है कि सोनू सूद ने जुहू के एबी नायर रोड पर शाक्ति सागर नामक रिहायशी इमारत को होटल में बदला है। इसके लिए उन्होंने उपयोगकर्ता की अनुमति भी नहीं ली।

बीएमसी ने जुहू पुलिस से कहा है कि सोनू सूद ने महाराष्ट्र रीजन एंड टाउन प्लैनिंग (एमआरटीपी) एक्ट के तहत जो अपराध किया है, उसपर संज्ञान लिया जाए। हालांकि अभिनेता ने कहा है कि उन्होंने कोई अनियमितता नहीं की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक सोनू सूद सोनू सूद (Sonu Sood) ने कहा है कि उनके पास बीएमसी (BMC) की इजाजत थी और वह केवल महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (एमसीजेडएमए) की ओर से क्लीयरेंस मिलने का इंतजार कर रहे थे।

सोनू सूद अक्टूबर 2020 में बीएमसी के नोटिस के खिलाफ शहर के सिविल कोर्ट गए थे। लेकिन उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली थी। कोर्ट ने सूद को हाई कोर्ट में अपील करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया था।

एक अधिकारी ने कहा, ‘ये समय भी बीत गया लेकिन वह अप्रूव्ड प्लान के अनुसार परिवर्तन और परिवर्धन को रीस्टोर नहीं कर सके। जिसके बाद बीएमसी ने एमआरटीपी एक्ट के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।’

कोरोना योद्धा सोनू सूद का यह भी कहना है कि एमसीजेडएमए की ओर से कोविड-19 महामारी के कारण इजाजत नहीं मिल पा रही थी। किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं की गई है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि होटल का इस्तेमाल महामारी के दौरान कोविड-19 योद्धाओं के रहने के लिए किया गया था। अगर मंजूरी नहीं मिलती है तो वह इसे दोबारा रिहायशी इमारत में बदल देंगे।

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