नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार की ‘फरिश्ते दिल्ली के’ योजना (Delhi Angel Scheme) पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि इस स्कीम का 10 लोग फायदा उठा रहे है, तो 40 इसका दुरुपयोग कर रहे है। कोर्ट ने कहा कि फरिश्ता स्कीम का दलालों के माध्यम से गलत इस्तेमाल हो रहा है। जिसे रोकने और उस पर तुरंत ध्यान देने की दिल्ली सरकार को जरूरत है, नहीं तो इस पूरी स्कीम को दलाल ही अधिग्रहण कर लेंगे। आम लोगों को मदद मिल ही नहीं पाएगी।

कोर्ट ने यहां तक कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाथरूम में गिर जाता है तो दूसरा व्यक्ति अस्पताल पर उसको भर्ती करने के लिए दबाव बनाता है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की स्कीम अच्छी है लेकिन इसका फायदा जरूरतमंद लोगों को मिलना चाहिए न कि दलालों को।

कोर्ट ने यह टिप्पणी अस्पतालों में साफ-सफाई को लेकर लगाई गई एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। इसी महीने शुरू हुए ऑफिशियल लॉन्च की शुरुआत में दिल्ली सरकार ने एक साल के ट्रायल के बाद आखिरकार ‘फरिश्ते दिल्ली के’ योजना (Delhi Angel Scheme) की शुरुआत की है।

क्या है केजरीवाल सरकार की ‘फरिश्ते दिल्ली के’ योजना

इस योजना के लॉन्च होने के बाद दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल अब सड़क हादसे में घायल शख्स को लौटा नहीं सकेंगे। साथ ही निजी अस्पतालों को मरीजों का इलाज कैशलेस भी करना होगा।

यह योजना सिर्फ और सिर्फ सड़क हादसे में पीड़ितों के लिए लाई गई है। 7 अक्टूबर को सीएम अरविंद केजरीवाल ने योजना लॉन्च की थी।

इस योजना को लॉन्च करने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था, ‘दिल्ली सरकार हर दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाएगी। दिल्ली के हर नागरिक की जान हमारे लिए कीमती है।’

सड़क हादसे का शिकार हर शख्स के इलाज का पूरा खर्च भी दिल्ली सरकार उठाएगी। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले शख्स फरिश्ते कहलाएंगे।

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Published by Dipak Pandey

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