अहमदाबाद: सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पुराने अयोध्या विवाद पर शनिवार (9 नवंबर 2019) को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। अयोध्या राम मंदिर का निर्माण बिल्कुल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर होगा। सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था।

सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण कराया था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे। पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था।

सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा। इससे प्रभावित हो महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया।

इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोम मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा।

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Published by Asif Khan

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