हल्दीघाटी का युद्ध क्या सच में हिन्दू राजा और मुस्लिम राजा के बीच का युद्ध था?

akbar and maharana pratap, haldighati battle, हल्दीघाटी युद्ध, महाराणा प्रताप, अकबर बादशाह, हल्दीघाटी का युद्ध

इसी माह 18 जून 1576 को ऐतिहासिक हल्दीघाटी का युद्ध मुग़ल बादशाह अकबर और मेवाड़ के महाराणा प्रताप के बीच लड़ा गया था. कुछ सियासी और जातिवादी ताकतें इसे अलग ही मकसद से बयान करती हैं. इस युद्ध को दो राजाओं के बीच का युद्ध न बता कर हिन्दू राजा और मुस्लिम राजा के बीच का युद्ध पढ़ाया जाता है. ऐसा करके वो दो समुदायों के बीच खाई खींचना चाहते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि अक़बर की तरफ से उनके सेनापति मानसिंह थे और महाराणा प्रताप सिंह की तरफ से हकीम खान सूरी और उनकी अफ़ग़ान लड़ाकों की फौज थी।

क्यों हुआ हल्दीघाटी का युद्ध?

मुग़ल बादशाह अकबर ने लगभग ज़्यादातर राजपूत राजाओं को अपने अधीन कर लिया था. लेकिन मेवाड़ के राजा प्रताप सिंह ने मुगलों के अधीन होने से इनकार कर दिया था। मेवाड़ छेत्र राजनीति और व्यवसायिक दोनों तरह से अकबर के लिए ज़रूरी था। तो अकबर मेवाड़ को जीतकर गुजरात के लिए मेवाड़ से होकर रास्ता चाहते थे। जो व्यापार के लिये बहुत फायदेमंद था।

बादशाह अकबर ने मान सिंह और टोडरमल सहित अपने कई मंत्रियों को महाराणा प्रताप के पास भेजा लेकिन राणा प्रताप तैयार नही हुए। आखिरकार जंग की नोबत आ गयी। दोनों सेनाएं राजस्थान स्थित हल्दीघाटी के पास युद्ध के लिए इकठ्ठा हुईं. हल्दीघाटी का नाम इस आधार पर पड़ा कि वहां की चट्टानों को तोड़ने पर हल्दी जैसा पाउडर निकलता था। वहीं दोनों सेनाओं के बीच भीषड़ जंग हुई।

यह भी पढ़ें :  क्याआईपीएस संजीव भट्ट को मोदी विरोधी होने की सज़ा मिली है?

जंग शुरू होने के तीन घंटों के अंदर ही मुगल सेना महाराणा प्रताप की सेना पर हावी हो गयी थी। महाराणा प्रताप की सेना बिखरने लगी थी। अपने राजा को घिरता देख महाराणा प्रताप के अंगरक्षक ने उनकी शाही छतरी अपने ऊपर लगा कर मुग़ल सेना को भृमित कर दिया. इस तरह महाराणा प्रताप चेतक घोड़े पर सवार होकर युद्ध से बाहर निकलने में सफल हुए।

हल्दीघाटी का युद्ध राजनीतिक वजहों से लड़ा गया था लेकिन आज इस जंग को हिंदू और मुस्लिम से जोड़कर पेश किया जाता है. जबकि इस जंग में अक़बर शामिल भी नही थे. उनकी सेना की कमान राजपूतों के हाथ में थी जबकि महाराणा प्रताप की तरफ से मुस्लिम सेनापति और अफगानों ने लड़ाई लड़ी थी।

नोट: यह लेख सोशल मीडिया के एक पोस्ट से लिए गया है. हम पोस्ट में लिखे सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं करते हैं.

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

the gandhigiri app download, thegandhigiri  
Asif Khan works as freelancer journalist from Lucknow district of Uttar Pradesh state in India.. He is native of Gorakhpur district. Asif Khan has worked with former Nav Bharat Times special correspondent Mr. Vijay Dixit, worked as video journalist in IBC24 news from Lucknow, worked with 4tv bureau chief Mr. Ghanshyam Chaurasiya, worked with special correspondent of Jan Sandesh Times Capt. Tapan Dixit. He has worked as special correspondent in The Dailygraph news. Contact with him via mail asifkhan2.127@gmail.com or call at +91-9389067047

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *