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सीधी बस हादसा: जांच के बाद सामने आई हकीकत, देखिये, 48 लाशों का कौन है जिम्मेदार?

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रीवा। उत्तराखंड आपदा के तुरंत बाद मंगलवार को मध्य प्रदेश बस हादसे (Bus Accident in MP) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर कर लिया। हादसे को लेकर सियासी तानाकशी भी काफी तेज है। ऐसे में अहम सवाल यह है कि इस बड़े हादसे के पीछे आखिर असल जिम्मेदार किसे ठहराया जाए?

हादसे की प्राथमिक जांच से पता चला है कि सीधी जिले से सतना जा रही परिहार ट्रेवल्स (Parihar Travels) की वाहन क्रमांक एमपी19पी1882 यात्री बस अनियंत्रित होकर मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के पटना पुल के पास अंतरराज्जीय बाणसागर परियोजना की नहर में समा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में लगभग 54 यात्री सवार थे, खबर लिखे जाने तक 48 यात्रियों के शव नहर से बरामद किये गए हैं। जबकि अन्य यात्रियों की तलाश जारी है।

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हालाकि हर बड़ी दुर्घटना के पीछे कोई न कोई कारण विशेष जरूर होता है। जो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, और प्राइवेट बसों में क्षमता से अधिक ठूंस-ठूंसकर सवारी भरा जाना जैसे कारण तो मानो आम बात है।

बात आरटीओ की हो या पुलिस महकमे की आमजन और मीडिया के माध्यम से उक्त विभागों में हो रही लापरवाही की ओर समय-समय पर ध्यानाकर्षित कराया जाता है, लेकिन छोटी शिकायतों को नजर अंदाज करना और जब तक कोई बड़ी दुर्घटना न हो जाए, एक्शन न लेना मानो मंत्रीगण इस आचरण के प्रति प्रण धारण किए हुए हैं।

बस मेंं मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या की जानकारी तो ड्राइवर ही दे सकता है जिसका खुलासा अभी होना बाकी है, लेकिन यह सवाल फिर भी बना रहेगा कि इस हादसे के पीछे सरकार या भ्रष्टाचार में से किसे असल दोषी माना जाए।

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प्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silavat) और राज्य मंत्री रामलखन पटेल सीधी पहुंचे और उक्त घटना की सघन जानकारी ली। एसपी ने बमोरी थाना टीआई राकेश शर्मा को निलंबित किया है।

मध्यप्रदेश में हुए इस हृदय विदारक हादसे (Bus Accident in MP) पर प्रधानमंत्री गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को नेशनल रिलीफ फंड से 2-2 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की।

दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उक्त मामले की बारीकी से पड़ताल करने के आदेश जारी करते हुए मृतकों के परिवारजनों के प्रति शोक संवदेना व्यक्त की। साथ ही राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की।

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गौरतलब है कि बाणसागर की यह मुख्य नहर मप्र के साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार को पानी पहुंचाती है। प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँच कर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। यात्रियों को निकालने के लिए 2 क्रेन के साथ कई गोताखोर नहर में उतरे गए है।

यात्री बस ज्वालानाथ परिहार ट्रेवल्स सिजहटा (Jwalanath Parihar Travels Sijhata) की बताई गई है। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह (Kamleshwar Singh) है। बस की फिटनेस 2- मई 21 तक और बस की परमिट 12 मई 25 तक है।

सुबह 7 बजे बस सीधी बस स्टैण्ड से रवाना हुई थी। 34 यात्रियों के टिकट बस स्टैण्ड में बुक किये गए थे। घटना की सूचना के बाद मौके पर आईजी रीवा जोन, डीआईजी रीवा सहित कलेक्टर एसपी सीधी रेस्क्यू की निगरानी कर रहे है।

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