इस गलती की वजह से शुरू हुआ था कारगिल युद्ध

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सन 1999 के इंडो-पाक कारगिल युद्ध में आज ही के दिन भारत ने पाकिस्तानी सेना को हरा कर कारगिल की पहाड़िया खाली कराई थी. आज के दिन को देशवासी विजय दिवस के रूप में मनाते हैं. लेकिन लंबे समय तक चले इस युद्ध की शुरुआत कहां से हुई थी? आखिर भारत से कहां ऐसी चूक हुई जिसका फायदा पाक ने उठाया और अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने लिए कारगिल पहाड़ी पर कब्ज़ा कर लिया।

कारगिल विजय दिवस पर सभा को संबोधित करते हुए प्रबुद्ध प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश जदयू उपाध्यक्ष ओम प्रकाश उपाध्याय बताते हैं कि कारगिल युद्ध गुप्तचर व्यवस्था की असफलता का नतीजा था. शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि और कारगिल विजय दिवस कि बधाईया देते हुए उपाध्याय कहते हैं कि भारत के इतिहास में कारगिल युद्ध एक अजीबो गरीब दास्तान है जो अपनी ही सीमा चौकियों और जमीन पर घुसपैठ पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ लड़ी गई थी.

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अपनी ही जमीन को खाली कराने के लिए महीनों तक जंग चलती रही. आवश्यक साजो सामान की नितांत कमी को रूस, इजराइल आदि से मंगा कर संसाधन पूर्ति किया गया था। बोफोर्स तोप के गोलों का आभाव था. स्वीडन से मुंह मांगी दरों पर मंगा कर पूरा किया गया. 20 साल बाद आज भी मात्र पुराने हालातों की समीक्षा जारी है.

उन्होंने कहा कि, तत्कालीन गुप्तचर व्यवस्था की असफलता जो कारण बनी थी आज भी हालात कुछ ऐसे ही हैं. भविष्य की आवश्यकताओं और देश की सुरक्षा के मद्देनजर जिस व्यवस्था की कल्पना कर स्थापना होना चाहिए वह काम आज भी लगभग अधूरा ही है.

पाक सेना के मारे थे 1500 से ज़्यादा सैनिक

पाकिस्तान की नापाक साजिशों का शिकार बनी कारगिल पहाड़ियों को खाली कराने में भारत ने 527 जवानों की शहादत दी थी. वहीं 1500 से ज़्यादा पाकिस्तानी सेना को मार गिराने का भी दावा है. शहीद वीर जवानों को सभा में उपस्थित सर्वश्री योगेश सोनी, अजय कसौधन, संजय जैन, प्रमोद सिंह, प्रेम मोहन, प्रदीप उपाध्याय, प्रशांत बरनवाल, शिवम सोनी, विजय श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, सगीर हरिराम वर्मा आदि ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

कारगिल युद्ध से आधार का संबंध

बता दें कि कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री लाल कृष्ण एडवानी की अध्यक्षता में सुरक्षा चूकों की समीक्षा की गई थी. जिसके बाद समिति ने देश में बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की ज़रूरत को प्रमुखता दी. वर्तमान में आधार कार्ड उसी प्रणाली का हिस्सा है.

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Manish Murya is native of Azamgarh district of Uttar Pradesh state in India. He is under trainee for correspondent. He works as freelancer. Contact him via mail mauryamaneesh333@gmail.com or call him at +91-7348594530

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