योगी की पुलिस का मॉब लिंचिंग, मुस्लिम युवक को दरिंदगी की हद तक पीटा…

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उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच से पुलिस की बर्बरता और इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्मैक तस्करी के शक में पुलिस की एसओजी टीम ने एक मुस्लिम युवक को हिरासत में लेकर अमानवीय यातनाएं दी। जानकारी के मुताबिक युवक के नाखून तक उखाड़ दिए, घुटने फोड़ दिए और करंट लगा कर जानवरों की तरह पीटा गया। मरणासन अवस्था में जब बहराइच के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया तो प्राइवेट गाड़ी से युवक को लखनऊ ट्रामा सेंटर लाया गया। युवक की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।

यूपी पुलिस को “ठोक” देने की खुली छूट देना उन्हें आम जनता पर भी तानाशाही करने के कगार पर ला खड़ा कर दिया है। पुलिस अब आम जनता के साथ भी अपराधियों जैसा सलूक करने से ज़रा भी नहीं हिचकिचाती। वहीं, शक के बुनियाद पर गिरफ्तार किये गए आरोपियों को किसी मोब लिंचिंग की तरह ही थाने में पीट पीट कर उसकी जान तक ले सकती है। ऐसा ही मामला बहराइच का भी है। जहां पुलिस की पिटाई से युवक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसका लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।

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आरोपी पुलिसकर्मियों ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की लेकिन ऐसी घटनाओं को छुपा पाना इतना आसान नहीं होता। पीड़ित युवक के परिजनों ने एसपी बहराइच से इंसाफ की गुहार लगाई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने एसओजी प्रभारी को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है और मामले की जाँच अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को सौंप दी गई है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक रुपैडिहा थाना इलाके के मुस्लिमबाग निवासी 28 वर्षीय आशु मिया को पुलिस की एसओजी टीम ने स्मैक तस्करी के शक में गिरफ्तार किया। पुलिस हिरासत में उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. परिजनों की माने तो पीड़ित लंबे समय से टीबी का मरीज है जो शनिवार को बहराइच दवा लेने आया हुआ था। तभी एसओजी की टीम ने उसको स्मैक तस्करी के शक में गिरफ्तार कर लिया। परिवारवालों से 5 लाख की डिमांड भी की।

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पुलिस की पिटाई से मरणासन अवस्था में पहुंचे युवक को देर शाम गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने कस्टडी के दौरान पीड़ित को मानवीय यातनाएं दी हैं जिससे उसकी हालत काफी नाज़ुक हो गई। इस पर जानकारी देते हुए एसपी बहराइच डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार युवक का सर फोड़ दिया

वहीं एक दूसरा मामला यूपी के हाथरस का है जहां चेकिंग के दौरान बाइक सवार एक युवक के सर पर पुलिस ने डंडा भांज दिया। युवक का सर फट गया और वो ज़मीन पर जा गिरा।

यूपी पुलिस का यह रवैया देख कर लगता है कि जैसे वो बिना हेलमेट यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले को नहीं बल्कि हत्या या डकैती करके भाग रहे किसी बड़े अपराधी को पकड़ रही थी।

बता दें कि पिछले कई महीनों से यूपी पुलिस पर वाहन चेकिंग का भूत सवार है। पुलिसवालों पर योगी सरकार और आला अधिकारियों का भारी भरकम दबाव है जो उनके चेहरे पर साफ नज़र आता है। चालान से हुई आमदनी का भी कुछ अता पता नहीं है।

वाहन चेकिंग के दौरान मोब लिंचिंग जैसी भीड़ के रूप में झुंड बना कर खड़े पुलिसकर्मियों से उलझना मतलब खुदकी जान खतरे में डालने जैसा लगने लगा है।

पब्लिक के साथ भी बत्तमीज़ी की कई घटनाएं पहले ही सामने आ चुकी हैं लेकिन लगता है आला अधिकारी भांग के नसे में धुत्त हैं और पुलिस योगी जी के “ठोक” देने वाली छूट का पूरा लुत्फ़ उठा रही है।

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रिपोर्ट – मोहम्मद आमिर
बहराइच

 

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Dipak Pandey is freelancer journalist from Lucknow district of Uttar Pradesh state in India. He is native of Allahabad district. He has worked with many reputed news channels and digital media platform. Contact him with email : dp362031@gmail.com, or mobile : 9125516663.

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