मोदी सरकार भारत पेट्रोलियम बेचने को तैयार, कौन है खरीदार?

अर्द्धसरकारी पेट्रोल मार्केटिंग भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) बिकने की अंतिम कगार पर है। मोदी सरकार (Modi Government) ने अपनी ओर से हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर ली है। कानूनी बाधाओं से बचने के लिए इस सौदे में बाधा डालने वाले एक्ट को पहले ही हटाया जा चुका है। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की ओर से नीलामी में बोली लगाने के पूरे संकेत हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अलावा इंडयन ऑयल कंपनी (Indian Oil) भी बीपीसीएल की नीलामी में बोली लगा सकती है। विशेषज्ञयों का मानना है कि, बीपीसीएल (BPCL) में भारत सरकार की पूरी 53.29 फीसदी हिस्सेदारी बेचे जाने के बाद इसका निजीकरण बढ़ेगा। इसके अलावा पेट्रोल के दामों पर अंकुश लगा पाना भी मुश्किल होगा। एक अनुमान के मुताबिक बीपीसीएल की अनुमानित कीमत 700 से से 850 रूपये प्रति शेयर हो सकती है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि, रणनीतिक निवेश के तहत विनिवेश मामलों का कोर ग्रुप भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) में सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने की पहले ही सिफारिश कर चुका है। ऐसे में इस सौदे में कैबिनेट की मंजूरी लेना मात्र औपचारिकता भर ही है। जिस एक्ट के तहत बीपीसीएल (BPCL) का राष्ट्रीयकरण किया गया था, उसे पहले ही हटा दिया गया है।

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