रविवार, जनवरी 29, 2023
होमINDIA | बड़ी खबरराष्ट्रपति मुर्मू ने राजस्थान राजभवन में देश के पहले संविधान उद्यान का...

राष्ट्रपति मुर्मू ने राजस्थान राजभवन में देश के पहले संविधान उद्यान का किया लोकार्पण

जयपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने राजस्थान के राजभवन में स्थापित देश के पहले संविधान उद्यान का लोकार्पण किया। मुर्मू ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देशवासियों में संवैधानिक नैतिकता की भावना जाग्रत करने के लिए कार्य किए जाने पर बल दिया है। राष्ट्रपति ने राजभवन में संविधान उद्यान के निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि इससे संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है और हमारा संविधान इसका आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के सिद्वांतों पर संविधान का निर्माण किया।

डाउनलोड करें "द गांधीगिरी" ऐप और रहें सभी बड़ी खबरों से बखबर

उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परम्परा बहुत प्राचीन है। बोधि संघ में भी संसदीय प्रक्रियाओं को निभाने का पालन किया जाता था। उन्होंने संविधान को जीवंत दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह समय के साथ बदलती जनमानस की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है।

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर संविधान निर्माण से जुड़ी विभूतियों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान को भी याद किया।

इस मौके राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपने संबोधन के आरम्भ में ’संविधान उद्यान’ के लोकार्पण के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान भारतीय संस्कृति का जीवंत दर्शन है। संविधान के लेखन, इसे निर्मित करने के लिए बनाई गयी संविधान सभा, संविधान सभा की बैठकों, संविधान निर्माण में संलग्न रहे महापुरूषों की इसमें भूमिका और इसे लागू किए जाने की यात्रा बहुत अर्थपूर्ण है। संविधान उद्यान में इस यात्रा को विभिन्न मूर्तिशिल्पों, छाया-छवियों, मॉडल्स और अन्य कलात्मक माध्यमों के जरिए जीवंत करने का प्रयास किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में आने वाले हमारे संविधान और उससे जुड़ी संस्कृति के बारे में जान सकें, इस उद्देश्य से यहां संविधान उद्यान का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान उद्यान संविधान निर्माण से लेकर उसे लागू करने तक की ऐतिहासिक यात्रा का ही साक्षी नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति का भी कला-रूप है। संविधान देश के आदर्शों, उद्देश्यों व मूल्यों का प्रतिबिम्ब है।

उन्होंने कहा कि संविधान को देश की विविधता की हमारी सामाजिक संस्कृति को ध्यान में रखते तैयार कर लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तावना है। संविधान की प्रस्तावना में इसकी शक्ति सीधे जनता में निहित की गयी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे संविधान के निर्माण के साथ ही देश में महिलाओं सहित सभी नागरिकों को बराबरी के अधिकार दिए गए, यह भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सदस्यों की पवित्र सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की मूल भावना हर नागरिक को पता होनी चाहिए, इसे ध्यान में रखते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र संवैधानिक जागरूकता के लिए बहुत प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजभवन में नवनिर्मित संविधान पार्क संवधानिक आदर्शों, मूल्यों और इसकी मूल भावना के प्रसार को आगे बढ़ाएगा।

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु के साथ राज्यपाल मिश्र, मुख्यमंत्री गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने संविधान उद्यान का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न मूर्तियों, छायाचित्रों, मॉडल आदि में संजोई गई भारतीय संविधान के निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का अवलोकन किया।

राष्ट्रपति ने राजभवन में स्थापित फ्लैग पोस्ट, मयूर स्तम्भ, गांधी प्रतिमा एवं महाराणा प्रताप प्रतिमा की सराहना की। उन्होंने संविधान उद्यान के कलात्मक एवं विशद प्रस्तुतीकरण और वृहद शिल्प को महत्वपूर्ण बताते कहा कि इससे यहां आने वाले लोग संविधान की संस्कृति से जुड़ेंगे। राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार, प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्दराम जायसवाल एवं आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया भी इस दौरान साथ रहे।

राज्यपाल ने राष्ट्रपति को इस अवसर पर संविधान उद्यान पर प्रकाशित पुस्तक और स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में संविधान उद्यान पर आधारित चलचित्र का भी प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए स्थापित पारेषण तंत्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। उन्होंने एक हजार मेगावाट की बीकानेर सौर विद्युत परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में राज्य के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल, राज्य मंत्रीपरिषद के कई सदस्य, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव उषा शर्मा, जनप्रतिनिधि, गणमान्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

The Gandhigiri पर पढ़ें अन्य बड़ी खबरें

Desk Publisher
Desk Publisher is a authorized person of The Goandhigiri. He/She re-scrip, edit & publish the post online. Pls, contact thegandhigiri@gmail.com for any issue.
You May Also Like This News
the gandhigiri news app

Latest News Update

Most Popular