कश्मीर मुद्दे पर जब सही फैसला लिया तो बीजेपी सरकार को डर किस बात का?

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प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अपने भाषण में कश्मीर मुद्दे पर लिये गये फैसले को सही ठहरा रहे हैं। जब केंद्र से लेकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाये जाने को सही मान रही है तो आखिर समाजसेवी संगठनों से डर क्यों रही है? कश्मीरियों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए निकले कई समाजसेवी संगठन के लोगों को योगी सरकार की पुलिस ने घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इससे पहले कश्मीर के हालात पर मेन स्ट्रीम मीडिया (जिन पर गोदी मीडिया के आरोप लगते रहे हैं) के प्रोपोगेंडा की पोल खोलते कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं (Social Workers) की वीडियो रिपोर्ट को दिल्ली प्रेस क्लब में चलाने से रोक दिया गया था।

सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया हाउस अरेस्ट

शुक्रवार की शाम रिहाई मंच (Rihai Manch), जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, लोक राजनीति मंच और सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का लखनऊ हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर कश्मीर के लोगों के समर्थन में मोमबत्ती प्रदर्शन होना था। लेकिन शाम होते होते प्रशासन ने सभी को हाउस अरेस्ट कर लिया। रिहाई मंच (Rihai Manch) के प्रवक्ता राजीव यादव ने बताया कि सुबह से लगातार लखनऊ पुलिस और खुफिया विभाग के लोगों का फोन आ रहा था। फोन पर कार्यक्रम के बारे में जानकारी ली जा रही थी। शाम करीब 4 बजे पुलिस अधिकारी का फोन आया और कार्यक्रम को रद्द करने का दबाव डाला गया। इंकार करने पर पुलिस घर पर पहुंच गई और सभी को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

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कश्मीर के हालात पर बनी वीडियो रिपोर्ट दिखाने से रोका

ईद के मौके पर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर के ज़मीनी हालात पर तैयार की गई अपनी वीडियो रिपोर्ट को दिल्ली प्रेस क्लब में दिखाने की कोशिश की। लेकिन मीडिया के सामने उस वीडियो को दिखाने से रोक दिया गया। हालांकि, वीडियो सोशल नेटवर्क साइट यूट्यूब पर अपलोड कर दी गई है। इस वीडियो रिपोर्ट में दिखाया गया है कि किस तरह मेन स्ट्रीम मीडिया कश्मीर के एक इलाके तक सीमित अपनी खबरों को प्रोपोगेंडा के तहत चला रहा है। जबकि कश्मीर के हालात उससे काफी विपरीत हैं।

इस वीडियो में न तो किसी तरह की हिंसा है और न ही आईटी एक्ट का उल्लंघन। इससे पता चलता है कि सरकार कश्मीर में जो हो रहा है उस सच्चाई से देश के अन्य नागरिकों को दूर रखना चाहती है। सरकार के दावों और मेन स्ट्रीम मीडिया के प्रोपोगेंडा की पोल खोलती इस रिपोर्ट को आखिर क्यों दिखाने से रोका गया? स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्र और राज्यों की बीजेपी सरकारों का दमन और दबाव वाला यह रवैया आज अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाता है।

सामाजिक संगठनों पर इतनी पाबंदी क्यों?

पिछले महीने लखनऊ के हज़रतगंज इलाके में स्थित गाँधी प्रतिमा पर कई सामाजिक संगठन के लोगों ने एक साथ उन्नाव रेप केस के खिलाफ प्रदर्शन किया था. उस वक़्त भी प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और स्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही. ऐसी पाबंदियां और पुलिस बल पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिली थी. बता दें कि, यह वही रेप और हत्या का मामला है जिसमें उन्नाव के बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाई आरोपी है.

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Abhishek Verma is native of Basti district of Uttar Pradesh state in India and living in Lucknow, Vinamra Khand, Gomtinagar- 226010. He is under trainee. He works as freelancer. Contact him via mail meet2abhiverma@gmail.com or call him at +91-7017935177

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