उन्नाव रेप केसः सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार और यूपी पुलिस को जमकर लताड़ा

unnao mla, unnao news, unnao accident, unnao news in hindi, unnao accident case, ranjan gogoi news in hindi, ranjan gogoi on unnao, ranjan gogoi in hindi, ranjan gogoi latest news, kuldeep sengar, kuldip sengar mla, kuldeep sengar ke samachar, kuldeep sengar news, उन्नाव रेप केस, सीजेआई, रंजन गोगोई, बीजेपी विधायक, कुलदीप सिंह सेंगर, गैंग रेप, सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया, उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीधे दखल से उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case) इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बन चुकी है। जिस तरह से रेप पीड़िता के साथ शुरू से ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और यूपी पुलिस का रवैया रहा है उससे चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) काफी नाराज़ दिखे। जस्टिस गोगोई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और उनकी पुलिस पर अब ज़रा भी भरोसा नहीं रहा। इसलिए सीजेआई ने इस मामले में सीधा दखल देते हुए सभी मामलों सहित पीड़िता को दिल्ली रिफर करने को कहा है।

गुरूवार को उन्नाव रेप मामले की पीड़िता का दर्द सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi on Unnao Case) के चेहरे पर साफ दिख रहा था। सीजेआई ने अब खुल कर इस मामले में दखल देने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस से जुड़े सभी पांच मामलों को यूपी के कोर्ट से दिल्ली ट्रांस्फर कर दिया है। साथ ही योगी सरकार को पीड़िता को 25 लाख मुआवज़ा देने को कहा है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सीबीआई को संदिग्ध सड़क हादसे की जांच रिपोर्ट सात दिनों में दाखिल करने को कहा है। लंबे समय से पेन्डिंग रेप केस के मामले को सुप्रीम कोर्ट 45 दिनों में निपटायेगी।

यह भी पढ़ें: उन्नाव गैंग रेप केस पर महिलाएं बोली “मोदी और योगी की सरकार में औरतों का रेप होगा और…”

उन्नाव रेप पीड़िता (Unnao Rape Victim) की सुरक्षा में हुई लापरवाही से सीजेआई (CJI Ranjan Gogoi) को अब यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा जिम्मेदारी अब केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) को सौंप दी है। पीड़िता के साथ लगातार हो रही घटनाओं और सुरक्षा चूक को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवती को किसी तरह एयर लिफ्ट के जरिये दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया जाये। परिवारवालों को भी केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली साथ आने को कहा है।

वहीं, काफी दबाव के बाद बीजेपी उत्तर प्रदेश ने भी देर शाम आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को पार्टी से निकाल दिया है। दोपहर तक प्रदेश बीजेपी के शीर्ष नेताओं से सवाल पूछने पर वे प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय पर बात को टालते रहे। आखिर में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकालने की बात कही।

क्या है पूरा मामला

साल 2017 में उन्नाव की रहने वाली एक नाबालिग युवति ने बाहुबली बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) पर गैंग रेप का आरोप लगाया था। सत्ताधारी होने की वजह से पुलिस ने इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। सीएम योगी आदित्यनाथ की जन सुनवाई में भी पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला। तब जाकर पिछले साल कोर्ट से 156(3) में मुकदमा दर्ज हुआ।

यह भी पढ़ें: छात्रा ने कहा, सेंगर की शक्ल देख कर लगता है वह एक नंबर का रेपिस्ट और मर्डरर है

पीड़िता का कहना है कि सुनवाई के दौरान उसके परिवारवालों पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा। जिससे पीड़ित युवती का परिवार दिल्ली अपने चाचा के घर रहने चले गये। युवती के पिता सुनवाई के दौरान जब घर आये तो विधायक के गुंडों ने उन्हें पेड़ से बांध कर पीटा और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही।

पीड़ित युवती के दिये बयान के मुताबिक पुलिस ने विधायक के गुंडों पर कार्यवाही करने के बजाये उसके पिता पर आर्मस एक्ट लगा कर बिना समुचित इलाज किये जेल भेज दिया जहां उनकी मौत हो गई। उसके बाद पीड़ित युवती ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की। तब जाकर मामला मीडिया में उछला और बीजेपी सरकार की काफी किरकिरी हुई। मामले की सीबीआई जांच कराई गई जिसमें बीजेपी विधायक, उसका भाई और कुछ पुलिसकर्मी भी दोषी पाए गए। प्रदेश सरकार ने आरोपी विधायक को कथित तौर पर संस्पेंड कर दिया और पीड़ित युवती को पुलिस सुरक्षा दी।

यह भी पढ़ें: क्या अपराधियों के लिए ‘अच्छे दिन’ लेकर आई है बीजेपी सरकार?

हालही में अपनी कार से रायबरेली जा रही पीड़ित युवती का सामने से उल्टी साइड से आ रही ट्रक से भयंकर टक्कर हो जाती है। जिसमें युवती के दो परिजन की मौत हो गई और पीड़िता की ओर से केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता और पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गये। जिनका इलाज लखनऊ ट्रामा सेंटर में चल रहा है। इस संदिग्ध हादसे पर कई सवाल खड़े हुए। उस समय सुरक्षाकर्मियों का साथ न होना भी शक के घेरे में आ जाता है। पीड़िता के परिवार में बचे सदस्यों ने इसे हादसा नहीं बल्कि आरोपी बीजेपी विधायक की साजिश बताया है।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

the gandhigiri app download, thegandhigiri  
Dipak Pandey is freelancer journalist from Lucknow district of Uttar Pradesh state in India. He is native of Allahabad district. He has worked with many reputed news channels and digital media platform. Contact him with email : dp362031@gmail.com, or mobile : 9125516663.

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *