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भाजपा ज्वाइन करने के एक साल बाद पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण का मामला हुआ बंद

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई (Justice Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन शोषण मामला (Sexual Abuse Case) बंद कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने गोगोई के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोप के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी, जिसे गुरुवार को न्यायपालिका के खिलाफ साजिश बताते हुए बंद कर दी है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि करीब दो साल गुजर गए हैं और जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हासिल करने की संभावना बहुत कम है।

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स्वत: संज्ञान से शुरू की गई जांच प्रक्रिया बंद करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायमूर्ति गोगोई के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले की अंदरूनी जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है।

सीजेआई न्यायमूर्ति एसए बोबड़े (CJI Justice SA Bobde) की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पैनल ने उन्हें दोष मुक्त करार दिया था। पीठ में न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन भी शामिल थे।

पीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति (अवकाश प्राप्त) एके पटनायक पैनल षडयंत्र की जांच करने के लिए व्हाट्सएप मैसेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्राप्त नहीं कर सका है। इसलिए स्वत: संज्ञान से शुरू किए गए मामले से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

शीर्ष अदालत ने खुफिया ब्यूरो के निदेशक की चिट्ठी का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि, चूंकि पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई (Justice Ranjan Gogoi) ने असम में राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनआरसी) सहित अन्य कई मुश्किल फैसले सुनाए हैं, इसलिए संभवत: उन्हें फंसाने की साजिश की जा रही है।

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न्यायमूर्ति पटनायक के हवाले से पीठ ने कहा कि यह मानने के ठोस कारण हैं कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश गोगोई को फंसाने की साजिश की गई होगी।

पीठ ने कहा कि 25 अप्रैल, 2019 के आदेशानुसार न्यायमूर्ति पटनायक पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि वह व्यावहारिकता में इसकी जांच नहीं कर सकता है कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश के न्यायिक फैसलों के कारण गोगोई के खिलाफ साजिश रची गई।

बता दें कि एक महिला ने 2019 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच कराने का आदेश दिया था।

Who is Ranjan Gogoi ? कौन हैं रंजन गोगोई ?

रंजन गोगोई का जन्म 18 नवम्बर 1954 में असम और अरुणाचल प्रदेश के एक जातीय समूह ‘ताई-अहोम‘ में हुआ था. गोगोई पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। उसके बाद 2012 से भारत के उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके रजंन गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लिया। उनके पिता केशब चंद्र गोगोई 1982 में असम राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके है।

रजंन गोगोई भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले व्यक्ति और पहले असमी हैं। इन्होंने 9 नबंवर को एक ऐतिहासिक फैसला किया है। इनका कार्यकाल 17 नबंवर 2019 को समाप्त हो गया। इन्होंने दिनांक 19 मार्च 2020 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।

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