होम Politics | राजनीति क्या मच्छरों ने शिवराज से लिया सीधी बस हादसे का बदला? क्या...

क्या मच्छरों ने शिवराज से लिया सीधी बस हादसे का बदला? क्या है मच्छर कांड की पूरी कहानी?

239
shivraj-singh-chauhan-sidhi-circuit-house-mosquito-kand
The-Gandhigiri-tg-website-designer-Developer-lucknow

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chauhan) सीधी में 16 फरवरी को हुए दर्दनाक बस हादसे (Sidhi Bus Accident) के बाद 17 को वहां के हालात जानने पहुंचे थे। यहां हर जगह उनका पाला अपने ही प्रशासन की खामियों से पड़ा।

दिनभर के दौरे के बाद जब सर्किट हाउस (Sidhi Circuit House) आराम के लिए पहुंचे तो सीएम की नींद मच्छरों ने उड़ा दी। रातभर शिवराज को मच्छर काटते रहे। नींद नहीं आई तो आधी रात अधिकारियों की क्लास लगी और ढाई बजे मच्छर मारने की दवा छिड़की गई।

सीएम की नींद में खलल पड़ा तो प्रशासन में खलबली मचना तय था। इस मच्छर कांड के बाद सर्किट हाउस के प्रभारी इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

सीधी बस हादसा: जांच के बाद सामने आई हकीकत, देखिये, 48 लाशों का कौन है जिम्मेदार?

मच्छरों की वजह से शिवराज की नींद हराम होने का मामला जब सोशल मीडिया पर आय तो लोगों ने इस पर अलग अलग तरीके से कमेंट किया। कुछ ने लिखा कि यह सीधी बस हादसे में मारे गए निर्दोष लोगों की मौत का बदला है। तो वहीं, कुछ ने लिखा कि यह शिवराज सरकार की उपलब्धि है।

मच्छरों से निपटे तो पानी की टंकी ओवर फ्लो हो गई

17 फरवरी को दिनभर शिवराज सीधी बस हादसे (Shivraj Sidhi Bus Accident) में जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलते रहे। रात करीब 10 बजे कलेक्टर ऑफिस में अफसरों की बैठक ली।

साढ़े ग्यारह बजे जब सर्किट हाउस पहुंचे तो कुछ नेता मिलने पहुंच गए। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि शिवराज 12 बजे के आसपास अपने कमरे में आराम के लिए चले गए, लेकिन यहां मच्छरों ने शिवराज को सोने नहीं दिया। यहां मच्छरदानी भी नहीं थी।

एमपी बस हादसा: उधर एक के बाद एक नहर से 47 शव निकलते रहे, इधर बेफिक्र परिवहन मंत्री दावत उड़ाते रहे

आखिरकार रात ढाई बजे दवा का छिड़काव हुआ तो CM को थोड़ा आराम करने का मौका मिला, लेकिन अव्यवस्थाओं ने फिर नींद तोड़ दी।सुबह 4 बजे पानी की टंकी ओवरफ्लो हो गई।

आवाज आने से नींद खुल गई तो सीएम खुद उठकर मोटर बंद करवाने गए। मोटर बंद करने का सिस्टम भी भगवान भरोसे था। सर्किट हाउस में परेशानियों से भरी रात गुजारने के बाद शिवराज भोपाल रवाना हो गए।

अन्य बड़ी खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें

the-gandhigiri-telegram-channel