Home Rajnitik Khabar अखिलेश ने मोदी से कहा, ‘इतना ऊपर भी न उड़ो की ज़मीन...

अखिलेश ने मोदी से कहा, ‘इतना ऊपर भी न उड़ो की ज़मीन भूल जाओ’

326
akhilesh-yadav-tweet-on-modi-for-advise
the-gandhigiri-news-app-may-2020

लखनऊ: महाराष्ट्र ट्रेन हादसे के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुज़फ्फरनगर जिले के बस हादसे में जान गवां चुके मजदूरों की मौत से नाराज यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पीएम मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मोदी सरकार (Modi Govt) से सवाल किया कि मजदूरों की जिंदगी इतनी सस्ती क्यों हैं?

उन्होंने मुज़फ्फरनगर घटना के बाद ट्वीट कर लिखा, “उप्र के मुजफ्फरनगर बस हादसे में प्रवासी मज़दूरों की दर्दनाक मौत पर गहरा दुख. श्रद्धांजलि! पहले ट्रेन और अब बस हादसा, मज़दूरों की ज़िंदगी इतनी सस्ती क्यों. ‘वंदे भारत मिशन’ में क्या देश की गरीब जनता नहीं आ सकती. इतना ऊपर भी उड़ना ठीक नहीं कि ज़मीन की सच्चाई की उपेक्षा हो जाए.”

बता दें की लॉकडाउन में पैदल अपने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के एक ग्रुप को सरकारी बस ने कुचल दिया. इस हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई है जबकि 4 लोग घायल हुए हैं. घायलों में दो की हालत गंभीर बतायी जा रही है.

हादसे का शिकार सभी मज़दूर पंजाब में मजदूरी करते थे. वे वहां से पैदल ही बिहार के गोपालगंज जा रहे थे. रात के अंधेरे में गुज़र रही रोडवेज की एक खाली बस ने उन्हें कुचल दिया. इन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर्स ने 6 को मृत घोषित कर दिया. 4 घायलों में 2 कई हालात ज़्यादा गंभीर थी जिन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज इलाज के लिये भेजा गया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने एक शीर्ष अधिकारी को इस दुर्घटना की परिस्थितियों के बारे में जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने जबकि घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है. बस के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र के औरंगाबाद में प्रवासी मजदूरों को एक मालवाहक ट्रेन ने सोते वक़्त कुचल दिया था. मजदूर महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश पैदल अपने घर लौट रहे थे. रात में थकान के कारण वे ट्रेन की पटरी पर सो गए थे. इस हादसे में करीब 18 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी.

वहीं, विदेशों में फंसे भारतियों को देश वापस लाने के लिए मोदी सरकार ‘वंदे भारत मिशन’ नाम का अभियान चला रही है. इस मिशन पर लोगों ने सवाल तब उठाये जब केवल एक यात्री को लेकर प्लेन भारत उतरा था. हालांकि, इस अभियान के पहले चरण में 6 हजार से ज्यादा यात्रियों के हमवतन लौटने की बात सरकार कह रही है.

यह भी पढ़ें: कोरोना संकट में भी यदि चुनाव बैलेट पेपर की जगह EVM से हुए तो समझ जाना पूरी दाल काली है

 

मोदी जी ने भगोड़ों का 68,607 करोड़ कर्ज़ माफ किया, क्या आपका बिजली, पानी, हाउस टैक्स, EMI माफ करेंगे?