मोदी के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, पूजा के साथ पढ़ता हूं कलमा ‘ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह’ जानिए इसका अर्थ

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मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने एक प्रोग्राम में मंच से कलमा (Kalama) पढ़ डाला. उन्होंने कहा कि वो रोज सुबह पूजा के साथ कलमा भी पढ़ते हैं. पीयूष गोयल ने कलमा ‘ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह’ पढ़ते हुए वहां मौजूद लोगों को सुना भी दिया. अब इस बात को लेकर कुछ कट्टर हिंदूपंथी विचारधारा के लोग उनके पीछे पड़ गये हैं. सोशल मीडिया पर उन्हें जम कर ट्रोल किया जा रहा है. वहीं ज्यादातर लोगों ने तारीफ करते हुए इसे वास्तविक गंगा जमुनी तहज़ीब कहा है.

क्या कहा पीयूष गोयल ने

दरअसल, पियूष गोयल (Piyush Goyal) की यह वीडियो ‘तालीम की ताकत’ नाम से चल रहे एक प्रोग्राम की है. जहां मंच पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग बैठे दिख रहे हैं. इनमें जफर सरेशवाला भी शामिल हैं. 57 सेकेंड के इस वीडियो में केंद्रीय मंत्री पीयूष अपनी स्पीच की शुरूआत में कहते हैं, ‘अभी अभी आपने कहा कि मैंने कुरआन पढ़ी है. तो बैठे बैठे याद आ गया कि मैंने जफर भाई से परमिशन ली है कि मैं अगर शुरूआत कर सकूं उस छोटे वाक्य से जो हमने तब (बचपन में) सीखा था. जो मेरे मन में ऐसा बैठ गया है कि जब रोज सुबह मैं पूजा करता हूं तो उस समय मैं वो वाक्य भी साथ में जोड़ता हूं.’ इसके बाद उन्होंने कलमा पढ़ा.

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पीयूष गोयल आगे कहते हैं कि वास्तव में सभी धर्मों की जो ताकत है वो यही ताकत है कि जब हम सब लोग अमन और शांति से एक साथ मिल कर चलते हैं तभी पूरे देश का निर्माण होता है और तभी बढ़ियां माहौल बनता है.

क्या है कलमा ‘ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह’ का मतलब

इसे पहला कलमा (First Kalama) या कलमा-ए-शहादत (Kalama of Sacrifices) कहते हैं. कहा जाता है कि इस कलमा को पढ़ने के लिए मुसलमानों ने बहुत सी शहादतें भी दी हैं. इसका अर्थ दो वाक्य में है, ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ इसका अर्थ है नहीं है अल्लाह के सिवा कोई दूसरा माबूद (ईश्वर), ‘मोहम्मदुर रसूलुल्लाह’ और पैगमबर मोहम्मद (इस्लाम प्रचारक और मुसलमानों के सबसे बड़े संत) अल्लाह के रसूल हैं’.

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कहा जाता है कि यह कलमा सीधा आसमान से मोहम्मद साहब पर उतरा था जिसे उन्होंने अपने अनुयाईयों को बताया. शुरू में इस्लाम के कुछ ही मानने वाले मुसलमान हुआ करते थे. इस वजह से इस कलमे को पढ़ने पर मुसलमानों को तरह तरह की पीड़ा और कत्ल तक कर दिया जाता था.

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Dipak Pandey is freelancer journalist from Lucknow district of Uttar Pradesh state in India. He is native of Allahabad district. He has worked with many reputed news channels and digital media platform. Contact him with email : dp362031@gmail.com, or mobile : 9125516663.

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