Monday, May 16, 2022
the gandhigiri news app
HomeWORLD | दुनियासावधान: ब्रिटेन में कोरोना महामारी फिर से हुई बेकाबू

सावधान: ब्रिटेन में कोरोना महामारी फिर से हुई बेकाबू

लंदन: कोरोना महामारी की दूसरी लहर का सामना करने वाले ब्रिटेन (Britain) में इस खतरनाक कोरोना वायरस (Covid-19) का कहर फिर बढ़ने लगा है। इस बार कोरोना का डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) संक्रमण का कारण बन रहा है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में जनवरी के बाद पहली बार 51,870 नए मरीज मिले हैं। एक सप्ताह में संक्रमण दर में 45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह मौतों के आंकड़े में भी दो तिहाई बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस बीच वैज्ञानिकों अनलॉक की तरफ बढ़ रहे देश को गंभीर चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल यहां एक दिन में कोविड के मामले 200,000 तक पहुंच सकते हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए “बड़ा व्यवधान” पैदा कर सकते हैं।

ब्रिटेन में संक्रमण के 54,000 से अधिक मामले आए जो जनवरी के बाद से सबसे अधिक है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं लेकिन टीकाकरण के कारण पहले की लहर की तुलना में यह संख्या कम है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के ऐप पर दिखाया गया कि एक सप्ताह में पांच लाख लोग संक्रमितों के संपर्क में आए जिससे इस प्रणाली के अत्यधिक संवेदनशील होने को लेकर चिंताएं बढ़ गयी है और कई लोग पृथक-वास से बचने के लिए अपने मोबाइल से इस ऐप को हटा रहे हैं।

वहीं पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) का दावा किया है कि पिछले सप्ताह 10,267 युवा पुरुषों में संक्रमण मिला जबकि इसके अनुपात में महिलाओं की संख्या कम थी।

प्रो नील फर्ग्यूसन ने कहा कि लगभग आधे ब्रिटेन में पूरी तरह से टीकाकरण होने के बावजूद यह “लगभग तय” था कि अनलॉक के अंतिम चरण में 100,000 दैनिक मामले सामने आएंगे, जिसमें लगभग 1,000 मरीज अस्पताल में भर्ती होंगे।

उन्होंने रविवार को बीबीसी वन के एंड्रयू मार शो के दौरान कहा कि अगर नियमों मे ज्यादा ढील दी गई तो केस दर दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब असली सवाल यह है कि क्या हम इसे दोगुना करेंगे या इससे भी अधिक और यहीं से क्रिस्टल बॉल फेल होने लगती है।

दरअसल यूके में डेल्टा संस्करण के प्रसार कारण कोरोनावायरस संक्रमण फिर से बढ़ रहा है और अस्पताल में मरीज बढ़ रहे हैं।

इंग्लैंड में सोमवार को लगभग सभी प्रतिबंधों को समाप्त करने की तैयारी है, जिसमें मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का आदेश शामिल है। यह अनलॉकिंग स्थायी है या अस्थायी, यह जनता द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों और टीकाकरण दरों पर निर्भर करेगा।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रतिबंध हटा दिए गए तो संभवत: मामलों में वृद्धि होगी। हालांकि सरकार ने बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

वायरस के इस स्वरूप का सबसे पहले भारत में पता चला था। ब्रिटेन के सॉलिसिटर जनरल क्रिश विटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि संक्रमण जितनी तेजी से फैल रहा उसे देखते हुए देश एक बार फिर से लॉकडाउन की स्थिति में जा सकता है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, वित्त मंत्री ऋषि सुनक कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण रविवार को पृथक-वास में चले गए। हालांकि, इससे पहले कहा गया था कि प्रधानमंत्री पृथक-वास में नहीं जाएंगे।

प्रधानमंत्री के 10 डाउनिंग स्ट्रीट स्थित कार्यालय ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री जॉनसन और वित्त मंत्री ऋषि सुनक, दोनों को बीती रात ‘टेस्ट-एंड-ट्रेस’ फोन ऐप से सतर्क किया गया था।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद के साथ बैठक की थी जो शनिवार को कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। जावेद कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं। जावेद का कहना है कि उन्हें कोविड-19 के हल्के लक्षण हैं।

पृथक-वास में नहीं जाने को लेकर पूर्व के अपने फैसले की आलोचना के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी किया।

Naveen Kumar Vishwakarma
Mr. Naveen Vishwakarma is Indian Journalist working from Lucknow. He is working with The Gandhigiri as editor. Contact him via mail naveenkumar0461@gmail.com or call at 8181816481.
You May Also Like This News
the gandhigiri news app

Latest News Update

Most Popular

you're currently offline